यहूदी धर्म इस्राइल का राजधर्म है और बहुत ही पुराना मज़हब है । इसी धर्म से इस्लाम और ईसाई धर्म की शुरुआत हुई ।
यहूदी मृतु के बाद की दुनिया में उतना ध्यान नहीं देते । जो भी हो, उनके हिसाब से सभी मनुष्यों को यहूदी होना ज़रूरी नहीं है, बाकी धर्मावलम्बी भी क़यामत के बाद स्वर्ग जायेंगे ।
मज़हबी जद्दोजहद
तीनों एक ही ईश्वर को मानते हैं और तीनों का उद्गम एक ही है। हिटलर ने लाखों यहूदियों को बर्बरतापूर्वक मरवा डाला। आज भी अरब देश और समपूर्ण इस्लामिक संसार इज्रायल का नामोंनिशान मिटा देना चाहते हैं । यहूदी ईसा मसीह को ईश्वर का पुत्र या मसीहा नहीं मानते।
मज़हबी जद्दोजहद
तीनों एक ही ईश्वर को मानते हैं और तीनों का उद्गम एक ही है। हिटलर ने लाखों यहूदियों को बर्बरतापूर्वक मरवा डाला। आज भी अरब देश और समपूर्ण इस्लामिक संसार इज्रायल का नामोंनिशान मिटा देना चाहते हैं । यहूदी ईसा मसीह को ईश्वर का पुत्र या मसीहा नहीं मानते। |